साहित्य के साथ व्यंग्य में रूचि रखनेवालों का स्वागत
साहित्य समाज का दर्पण है और इस दर्पण में हम देख पते हैं अपनें आपको भी . क्योंकि हम भी समाज का हिस्सा हैं, एक सामाजिक प्राणी ! साहित्य में रूचि दिखाती है आप क्या हैं . व्यंग्य से समाज में फैली बुराई सामने आती है और उसे हंसते-हंसते दूर करने की ताक़त मिलती है .
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